टाटा पावर सोलारूफ: बेस्ट टेक्निकल सपोर्ट अवार्ड (प्रथम पुरस्कार)
भारत की नंबर 1 सोलर रूफटॉप कंपनी "TATA POWER RENEWABLE ENERGY" द्वारा अंजनी सोलर को एक्सीलरेटर वर्कशॉप में उत्कृष्ट तकनीकी गुणवत्ता, स्थापना सुरक्षा और ग्राहक सहायता हेतु प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है।
छत्तीसगढ़ सोलर सब्सिडी विवरण (कुल अनुदान ₹1,08,000/- तक)
PM सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का संयुक्त अनुदान सीधे आपके बैंक खाते में DBT द्वारा जमा होता है:
| सोलर क्षमता (kW) | केंद्र अनुदान (Central Subsidy) | छत्तीसगढ़ राज्य अनुदान | कुल सरकारी अनुदान (Total Subsidy) |
|---|---|---|---|
| 1 kW | ₹30,000 | ₹15,000 | ₹45,000 |
| 2 kW | ₹60,000 | ₹30,000 | ₹90,000 |
| 3 kW | ₹78,000 | ₹30,000 | ₹1,08,000 |
| 5 kW | ₹78,000 | ₹30,000 | ₹1,08,000 |
3 kW बनाम 5 kW ऑन-ग्रिड सिस्टम: कौन सा चुनें?
छत्तीसगढ़ में 3kW और 5kW दोनों पर समान ₹1,08,000 सब्सिडी मिलती है। 5kW सिस्टम लगभग 80% अधिक बिजली बनाता है:
3 kW On-Grid System
5 kW On-Grid System
1 kW से 30 kW सोलर सिस्टम: पैनल संख्या, उत्पादन, खर्च एवं बचत
प्रति 1 kW सोलर सिस्टम से प्रतिदिन 4 से 5 यूनिट बिजली बनती है (मौसम एवं धूप पर निर्भर)। अपनी आवश्यकता के अनुसार देखें:
| सिस्टम (kW) | दैनिक उत्पादन (यूनिट) | पैनल संख्या | कुल आउटपुट (Wp) | अनुमानित लागत (बिना सब्सिडी) | मासिक बिजली बचत |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 kW | 4 - 5 यूनिट | 3 पैनल | 393 - 550 W | ₹45,000 – ₹60,000 | ₹300 – ₹700 |
| 2 kW | 8 - 10 यूनिट | 6 पैनल | 780 - 1,100 W | ₹78,000 – ₹1,20,000 | ₹600 – ₹1,200 |
| 3 kW | 12 - 15 यूनिट | 9 पैनल | 1,260 - 1,650 W | ₹1,15,000 – ₹1,65,000 | ₹900 – ₹1,500 |
| 5 kW | 20 - 25 यूनिट | 15 पैनल | 1,965 - 2,750 W | ₹1,90,000 – ₹2,60,000 | ₹1,500 – ₹2,500 |
| 7.5 kW | 30 - 35 यूनिट | 22 - 23 पैनल | 2,887 - 3,217 W | ₹2,80,000 – ₹3,80,000 | ₹2,200 – ₹3,300 |
| 10 kW | 40 - 50 यूनिट | 30 पैनल | 3,930 - 5,500 W | ₹3,70,000 – ₹4,80,000 | ₹3,000 – ₹4,500 |
| 15 kW | 60 - 75 यूनिट | 45 पैनल | 5,895 - 8,250 W | ₹5,25,000 – ₹6,75,000 | ₹4,500 – ₹6,300 |
| 20 kW | 80 - 100 यूनिट | 60 पैनल | 7,860 - 11,000 W | ₹6,90,000 – ₹9,20,000 | ₹6,000 – ₹8,500 |
| 25 kW | 100 - 125 यूनिट | 75 पैनल | 9,825 - 13,750 W | ₹8,25,000 – ₹10,50,000 | ₹7,500 – ₹10,000 |
| 30 kW | 120 - 150 यूनिट | 90 पैनल | 11,790 - 16,500 W | ₹9,60,000 – ₹12,60,000 | ₹9,000 – ₹12,000 |
किस सिस्टम पर क्या-क्या चलेगा? (Appliance Sizing)
अपने घर के मासिक बिजली बिल और उपकरणों के अनुसार सही क्षमता का चयन करें:
1 इन्वर्टर AC, 2-3 पंखे, TV, फ्रिज, LED लाइट, पानी पंप, वाशिंग मशीन, कूलर
1-2 इन्वर्टर AC, 3-4 पंखे, TV, फ्रिज, लाइट, पानी पंप, कूलर, वाशिंग मशीन, मिक्सर
2 AC, 4-5 पंखे, TV, फ्रिज, लाइट, पानी पंप, कूलर, वाशिंग मशीन, मोटर
2-3 AC, 5-6 पंखे, TV, फ्रिज, लाइट, पानी पंप, कूलर, वाशिंग मशीन, गीजर, मोटर, इन्वर्टर
3-4 AC, 6-8 पंखे, TV, फ्रिज, लाइट, पानी पंप, कूलर, वाशिंग मशीन, मोटर, व्यावसायिक उपकरण
जरूरत के हिसाब से कौन सा इनवर्टर चुनें?
ऑन-ग्रिड, ऑफ-ग्रिड और हाइब्रिड तीनों प्रणालियों के कार्य और लाभ अलग-अलग हैं:
1. On-Grid (ग्रिड टाइड)
जहाँ बिजली सप्लाई सामान्य रहती है और मुख्य उद्देश्य बिजली का बिल 80%–90% कम करना है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड को निर्यात होती है।
- कम शुरुआती लागत (बैटरी की जरूरत नहीं)
- PM Surya Ghar सब्सिडी का पूरा लाभ
- त्वरित ROI: 3 से 4 साल में निवेश वापस
- बैटरी बदलने या रखरखाव का कोई खर्च नहीं
2. Off-Grid (बैटरी बैकअप)
जहाँ ग्रिड बिजली नहीं है या बार-बार लंबी बिजली कटौती होती है। दिन में सोलर से बैटरी चार्ज होती है और रात में बैकअप मिलता है।
- 24/7 दिन एवं रात लगातार बिजली बैकअप
- सरकारी ग्रिड लाइन न होने पर भी संचालित
- संपूर्ण ऊर्जा स्वतंत्रता
- उच्च प्रारंभिक लागत (बड़ा बैटरी बैंक)
3. Hybrid (हाइब्रिड)
दोनों का सर्वश्रेष्ठ संयोजन: बिजली बिल भी कम करना है और बिजली कटने पर निर्बाध बैकअप भी चाहिए।
- नेट मीटरिंग + ब्लैकआउट पावर बैकअप
- सोलर से लोड चलाकर अतिरिक्त ऊर्जा बैटरी में स्टोर
- हॉस्पिटल, क्लिनिक एवं प्रीमियम घरों हेतु आदर्श
- सर्वोत्तम ऊर्जा सुरक्षा
प्रमुख प्रमाणित सोलर ब्रांड्स
अंजनी सोलर केवल भारत के शीर्ष प्रमाणित निर्माताओं के उपकरण स्थापित करता है:
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents Checklist)
DISCOM नेट मीटरिंग, बिजली विभाग स्वीकृति एवं PM सूर्य घर सब्सिडी पोर्टल हेतु ये 8 दस्तावेज तैयार रखें:
इंस्टाग्राम पर फॉलो करें: @anjani_energy
रायपुर में हमारे नवीनतम सोलर प्रोजेक्ट्स, इंस्टॉलेशन वीडियो और तकनीकी अपडेट्स देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छत्तीसगढ़ में 3 किलोवाट और 5 किलोवाट दोनों पर कुल ₹1,08,000 (केंद्र अनुदान ₹78,000 + राज्य अनुदान ₹30,000) की अधिकतम सब्सिडी मिलती है। 3kW सिस्टम की प्रभावी लागत लगभग ₹1,02,000 और 5kW सिस्टम की प्रभावी लागत लगभग ₹2,02,000 आती है।
नहीं। ग्रिड सुरक्षा नियमों (Anti-Islanding) के अनुसार बिजली लाइनमैन की सुरक्षा हेतु ऑन-ग्रिड सिस्टम ग्रिड कटने पर स्वतः बंद हो जाता है। यदि आपको बिजली कटौती में भी बैकअप चाहिए, तो हाइब्रिड या ऑफ-ग्रिड सिस्टम उपयुक्त विकल्प है।
शासकीय सब्सिडी के साथ 3kW सिस्टम 3.8 साल में और 5kW सिस्टम केवल 3.7 साल में अपनी पूरी लागत वसूल कर लेता है। इसके बाद अगले 20+ साल तक बिजली मुफ्त मिलती है, जिससे 25 वर्षों में ₹9 लाख से ₹16 लाख तक की सीधी बचत होती है।
सामान्यतः प्रति 1 kW लगभग 100 वर्ग फीट छाया-रहित (Shadow-free) छत की आवश्यकता होती है। 3kW सिस्टम के लिए लगभग 300 वर्ग फीट और 5kW सिस्टम के लिए लगभग 500 वर्ग फीट जगह पर्याप्त मानी जाती है।
A Unit of Anjani Organisation (ANJANI ORGANISATION)